सिंधुदुर्ग में दर्दनाक हादसा: बांध में डूबने से तीन छात्राओं की मौत

    13-May-2026
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करूल बांध में नहाने गई थी पांच छात्राएं, दो को बचाया गया
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सिंधुदुर्ग। गर्मी से राहत पाने के लिए जलाशयों और बांधों में नहाने जाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन कई बार यही मौज-मस्ती दर्दनाक हादसों में बदल जाती है। ऐसा ही एक हृदयविदारक मामला सिंधुदुर्ग जिले के वैभववाड़ी तालुका स्थित करूल बांध में सामने आया, जहां नहाने गई तीन स्कूली छात्राओं की डूबने से मौत हो गई, जबकि दो अन्य को सुरक्षित बचा लिया गया। यह घटना बुधवार शाम की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार पांच छात्राएं बांध में नहाने गई थीं। इसी दौरान अचानक गहरे पानी में जाने से तीन छात्राएं डूब गईं। घटना की सूचना मिलते ही वैभववाड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय ग्रामीणों की मदद से राहत कार्य शुरू किया गया। हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग करूल बांध परिसर में जमा हो गए। इस घटना से पूरे वैभववाड़ी तालुका में शोक का माहौल है।

राज्यभर में बढ़ रहे डूबने के हादसे
पिछले कुछ दिनों में राज्य के विभिन्न जिलों से डूबने की कई दुखद घटनाएं सामने आई हैं। गर्मी के मौसम में युवा और बच्चे तालाब, कुएं, झील और बांधों में तैरने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन सुरक्षा उपायों की कमी और गहरे पानी का अंदाजा न होने के कारण कई बार जानलेवा हादसे हो जाते हैं। सिंधुदुर्ग की यह घटना भी लापरवाही और असावधानी के खतरनाक परिणाम को उजागर करती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे जलाशयों के आसपास सुरक्षा इंतजाम बढ़ाए जाएं और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृत छात्राओं के परिवारों को सांत्वना दी जा रही है।

निवती लाइटहाउस क्षेत्र में समुद्र में जाने पर रोक
इसी बीच संभावित समुद्री हादसों को रोकने के लिए बंदरगाह विभाग ने वेंगुर्ला के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल निवती लाइटहाउस के पास पर्यटकों को गहरे समुद्र में ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग के अनुसार प्री-मानसून के दौरान समुद्र में अचानक तूफानी परिस्थितियां बन सकती हैं, जिससे पर्यटकों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पर्यटन सीजन समाप्त होने तक किसी भी नाव को निवती लाइटहाउस के पास गहरे समुद्र में जाने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत पुलिस कार्रवाई की जाएगी।